हज़रत ज़करिया: क़िस्सा, मोजिज़े और सबक़
बुढ़ापे में जिन्हें यहया की ख़ुशख़बरी दी गई, जिन्होंने हज़रत मरयम की सरपरस्ती की और इबादतगाह में ज़िक्र में मशग़ूल रहे, बड़े नबी।
زكريا
वस्फ़: बुढ़ापे की ख़ुशख़बरी · दौर: मरयम के सरपरस्त
मुजिज़े
- बुढ़ापे में औलाद पाना
हिकमत
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