हज़रत दाऊद: क़िस्सा, मोजिज़े और सबक़
जिनकी आवाज़ पर पहाड़ और परिंदे ज़िक्र करने लगते, जो लोहे को आटे की तरह ढालते, जिन्हें ज़बूर किताब दी गई, बादशाह नबी।
داوود
वस्फ़: ख़लीफ़ा · दौर: ज़बूर का दौर
मुजिज़े
- लोहे को हाथ से ढालना
- बेमिसाल आवाज़
हिकमत
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